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BRAHMAPUTRA RIVER ! ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़े रोचक व् दिलचस्प तथ्य

 ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़े रोचक व् दिलचस्प तथ्य - BRAHMAPUTRA RIVER FACTS IN HINDI 

Bramaputra River Facts in Hindi
ब्रह्मपुत्र भारत की एक ऐसी नदी है  जो एशिया के तीन देशों से होकर बहती है। और ब्रह्मपुत्र नदी को  इन देशो में अलग अलग नामों से भी जाना जाता है। यह तिब्बत, भारत और बांग्लादेश के देशों से होकर बहती है। इन देशो के अगल -अलग क्षेत्र पर इसके अलग -अलग नाम भी है । 


 प्रकृति के द्वारा बनाई गई यह नदि सबसे खूबसूरत जल निकायों में से एक हैं। वे हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत, भारत और अंत में बांग्लादेश से होकर गुजरती है। ब्रह्मपुत्र नदी  एशिया की सबसे लंबी नदियों में से एक नदी के रूप में से जनि जाती है  और दुनिया की 15वीं सबसे लंबी नदियों में इसकी गिनती होती  है। पानी के बहाव के मामले में कहा जाये तो भी यह दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी नदी है। यह विश्व की प्रमुख नदियों में से एक है। यह एक बहुत ही आकर्षक नदी है जिसके साथ बहुत सारे रोचक तथ्य जुड़े  हैं। इसलिए, यदि आप ब्रह्मपुत्र नदी के बारे में कुछ आश्चर्यजनक तथ्य जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपकी उन त्थय को जानने में सहयता करेगा,  तो देर न करते हुए चलिए जानते है 

ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़े रोचक व् दिलचस्प तथ्य - BRAHMAPUTRA RIVER FACTS IN HINDI 


Brahmaputra River Facts in Hindi


1. क्या आप जानते है है ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम स्थल दक्षिण पश्चिम तिब्बत में है


2.  ब्रह्मपुत्र नदी की कुल लंबाई लगभग 1,800 मील (2,900 किमी) है व् इसे भारत में बहने वाली सबसे लंबी नदियों के रूप में माना जाता है। भारत में ब्रह्मपुत्र की लम्बाई ९१६ किलोमीटर है । 


3. इसकी औसत ऊंचाई 4,000 मीटर (13,000 फीट) है, इसे दुनिया की महत्वपूर्ण नदियों में सबसे ऊंची भी कहा जाता है 


4. इस नदी को  चीन  में  सांगपो-ब्रह्मपुत्र नदी और असम में ब्रह्मपुत्र के नाम से जाना जाता और अरुणाचल  में डिंह के नाम से जाना जाता  है। कुछ स्थानों पर यह नदी जैसे की  असम में  10 किमी (6.2 मील) जितनी चौड़ी है।

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5. इस नदी का तंत्र में ब्रह्मापुत्र नदी एक प्रमुख नदी है जिसके कारण इस नदी के तंत्र का नाम ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र रखा गया है । 


6. इस के दाहिने तट सुबनसिरी नदी ऊपरी से आकर मिल जाती है और यह  ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र  की सबसे बड़ी सहायक नदी है। इस नदी को सोने की नदी भी कहा जाता है। यह नदी तिबत क्षेत्र के हिमालय से निकलकर दक्षिण एव दक्षिणी पूर्व की और से प्रवेश करते हुए असम के  लखीमपुर जिलों में ब्रह्मापुत्र में मिल जाती है और यहाँ  बड़ी संख्या में रहने वाले लोगों की जीवन रेखा है। नदी अरुणाचल प्रदेश में हरे उष्णकटिबंधीय वर्षा-वन के माध्यम से नीचे जाती है। अरुणाचल प्रदेश के उत्तेर के भागो में  जहां पर पर्वतीय भाग है वह इस नदी को ऊपरी सबुनसिरि के नाम से जाना जाता है और खुले  और मैदानी  भाग में इस नदी को  निचली सबुनसिरि के नाम से जाना जाता है। 



7.  त्संगपो नदी  ब्रह्मपुत्र नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है इस नदी को सांगपो या त्संगपो के नाम से जाना जाता है  कयाकिंग इस नदी के पानी में खेले जाना वाला बहुत ही लोकप्रिय खेल है । 


8. जमुना ब्रह्मपुत्र नदी की प्रमुख सहायक नदियों में से एक है। यह बांग्लादेश की तीन प्रमुख नदियों में से एक है।


9. ब्रह्मपुत्र और गंगा के पानी द्वारा, यह नदी प्रणाली गंगा डेल्टा बनाती है, जो दुनिया का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है।


10. ब्रह्मपुत्र नामचा बरवा पर्वत के पास मुड़ता है और यारलुंग त्संगपो कण्ठ बनाता है, जिसे दुनिया की सबसे गहरी घाटियों में से एक माना जाता है।

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11.  ब्रह्मपापुत्र नदी असम राज्य में लगभग 750 किलोमीटर की दुरी तय करती है  विशेष रूप से असम के कुछ हिस्सों में इस नदी के कारण अत्यधिक बाढ़ भी आ जाती है ।

12 .कहा जाता है कि एक नदी एक ज्वारीय बोर प्रदर्शित करती है ज आने वाली ज्वार लहरें बनाती हैं जो धारा के खिलाफ नदी की यात्रा करती हैं। इन तरंगों को ज्वारीय तरंगों के रूप में जाना जाता है। ब्रह्मपुत्र ज्वार-भाटे वाली नदियों के कुछ उदाहरणों में से एक है।


13.  इस नदी पर एक पूल का निर्माण करवाया गया था जोकि  गुवाहाटी, असम के पास सरायघाट पुल, जिसे अप्रैल 1962 में खोला गया था, ब्रह्मपुत्र पर बनने वाला  पहला पुल था। 

14. दोस्तों यह नदी  बांग्लादेश की प्रमुख नदियों में से एक नदी के रूप में जनि जाती  है और  यह पद्मा नदी में मिलने से पहले बांग्लादेश में लगभग 186 मील (300 किमी) तक बहती है।

15. यह नदी दो चेंनल में विभाजित हो जाती है , डिब्रूगढ़ और लखीमपुर के बीच उत्तरी खेरकुटिया चैनल और दक्षिणी ब्रह्मपुत्र चैनल में अलग हो जाती है। यह शिलांग पठार की चट्टानों से कटकर गुवाहाटी में संकरी हो जाती है, जहां यह 1 किमी जितनी संकरी हो जाती है। 


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